धीरेन्द्र अस्थाना
वो ज़माना गया जब लोग कहते थे कि पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब। अब तो माता-पिता चाहते हैं के उनका बेटा सचिन, सहवाग या विराट कोहली जैसा बने। वहीं, बेटी हो तो वह साइना नेहवाल या सानिया मिर्ज़ा जैसी बने लेकिन यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है। आज ऐसे माता-पिता की कमी नहीं है जो अपने बच्चे के लिए पूरा समय नहीं निकाल पाते हैं। वे उनके खेल पर ध्यान नहीं...
माल में खरीदारी की समझदारी का रखे ध्यान
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*धीरेन्द्र अस्थाना *
चमचमाती भव्य बहुमंजिली इमारतों की सजी-धजी दुकानों में खरीदारी का
एक अलग अंदाज और आनंद होता है। यहां गृहणियों के लिए ...